April 14, 2026
Naman Chhattisgarh
Breaking News
Breaking Newsछत्तीसगढ़

इंटेंसिफाईड एचआईवी/एड्स सघन जागरूकता हेतु प्रचार रथ रवाना, करेंगे एचआईवी/एड्स के सम्बन्ध में जागरुक

Share

कोरबा 28 जनवरी 2026/ कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन में 28 जनवरी  को इंटेंसिफाईड एचआईवी/एड्स जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत सघन प्रचार प्रसार हेतु एड्स जागरूकता रथ तथा कला जत्त्था दल को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के द्वारा हरी झंडी दिखा कर रवाना किया गया।  इस अवसर पर डॉ.सी.के.सिंह, जिला स्वास्थ्य अधिकारी, डॉ. बी.आर.रात्रे नोडल अधिकारी एड्स, श्री कुमार पुष्पेश, जिला टीकाकरण अधिकारी, श्री पद्माकर शिन्दे, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, कला जत्था के सदस्य तथा अन्य अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित थे।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.एस.एन.केशरी ने बताया कि इंटेंसिफाईड एचआईवी/एड्स जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत सघन प्रचार प्रसार हेतु एड्स जागरूकता रथ तथा कला जत्त्था दल  के द्वारा  जिले के समस्त विकासखंडों के चिन्हांकित ग्रामों में कार्यक्रम आयोजित कर एचआईवी ( ह्यूमन इम्यूनोडेफिशिएंसी वायरस), इसके बचाव, नियंत्रण  के सम्बन्ध में  जागरूक किया जायेगा तथा लोगों को एचआईवी/एड्स के मरीजों के अधिकारों की रक्षा के लिए 2017 में बनाये गए एक्ट की जानकारी, गर्भवती महिलाओं को प्रथम तिमाही में एचआईवी जाँच कराने तथा एचआईवी के सम्बन्ध में कहीं भी कभी भी किसी भी समय प्राप्त करने के लिए टोल फ्री नंबर 1097 कि जानकारी दिया जायेगा।
उन्होंने बताया कि  दिया  एक वायरस है जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली पर हमला करता है, खासकर सीडी 4 कोशिकाओं को नष्ट करता है, जिससे शरीर संक्रमणों और बिमारियों से ठीक से लड़ नहीं पाता और अंततः एड्स बिमारी नामक गंभीर स्थिति हो सकती है, लेकिन सही इलाज से इसे नियंत्रित करके स्वस्थ्य जीवन जिया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि यह जानना जरूरी है कि आप एचआईव्ही पॅाजिटिव हैं या नहीं क्योकि कई बार मरीज में एचआईवी का कोई अपना लक्षण नहीं होता है। यह हमेशा दूसरी बिमारियों का लक्षण लिए हुए होता है। जिसमें  प्रायः यह देखने को मिलता है कि व्यक्ति को एक महीने या अधिक समय तक लगातार फ्लू, बुखार, थकान, सिरदर्द, गले में खरास, रात को पसीना हो सकती है  कोई भी एैसी बिमारी जैसे उल्टी, दस्त, निमनिया, मुँह में छाले’ टीबी जैसे संक्रमण वाली बिमारिया हो सकती है एैसी परिस्थिती में प्रत्येक व्यक्ति को एचआईवी जॉंच जीवन में कम से कम एक बार जरूर कराना चाहिए, साथ ही यौन रूप से सक्रिय लोगों को हर साल या जोखिम के आधार पर जिसमें असुरक्षित यौन संबंध, सुई साझा करना या किसी व्यक्ति को यौन संचारित रोग हो  तो उन्हे प्रत्येक 3 से 6 माह में अवश्य जॉंच कराना चाहिए इसके साथ ही प्रत्येक गर्भवती महिला को प्रथम तिमाही में  एचआईवी की जॉंच कराना अनिवार्य है। और अगर जॉंच और उपचार नहीं हुआ तो  एड्स बिमारी हो सकती है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.एस.एन.केशरी ने आग्रह किया है कि जिन व्यक्तियों में उपरोक्त लक्षण हों मेडिकल कॉलेज (जिला चिकित्सालय) के आइटीसी सेंटर, समस्त विकासखण्ड के आईटीसी सेंटर तथा टोल फ्री नंबर 1097 में संपर्क कर अपना निःशुल्क स्वास्थ्य जॉंच करा सकते है।
क्रमांक 1401/


Share

Related posts

जिले में तीन कंपनियों के उर्वरक पाये गये अमानक : कृषि विभाग ने अमानक उर्वरकों की बिक्री एवं वितरण पर लगाया प्रतिबंध, कंपनियों को नोटिस जारी

namanchhattisgarh

एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में अतिथि शिक्षकों के रिक्त पदों अस्थाई रूप से होगी भर्ती

स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट मे प्रवेश हेतु आवेदन आमंत्रित

namanchhattisgarh

Leave a Comment