कोरबा। (अनिल अग्रवाल) एनटीपीसी धनरास राखड डेम से उडने वाले राखड से जहां आसपास के ग्रामीणो अंचलों कि समस्या तो बढा दी है इसके साथ ही हवा में धुलने के कारण तेजी से एक बडे क्षे़त्र में फैल रही है जिससे ग्रामीणों के आवास से लेकर खेतों में फैलने से उनके जन जीवन में बुरा प्रभाव डालने का कार्य कर रही है । आने वाला समय ग्रर्मी को होगा जिसमें राखड सुखे होने के कारण और तेजी से फैलता है जिससे कारण अधिक क्षेत्र भी प्रभावित होगे । प्राप्त जानकारी के अनुसार एनटीपीसी एक लबें समय से धनरास राखड डेम में राखड डालने का कार्य कर रहा है ।
उल्लेखनीय है कि विगत दिनों राखड से परेशान ग्रामीणों ने राखड डेम से उडने वाले राखड से ग्रामीणों स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने धनरास स्थित राखड डेम के कार्योलय का घेराव किया इस दैरान बडी संख्या में महिलाएं मौजूद रही ।
इस संबंध में ग्रामीणों ने बताया कि हवा चलने से राखड उड कर तेजी से उनके घरों और आसपास के क्षेत्र में फैलती है जिससे उन्हें कई तरह से समस्या उत्पन्न हो रही है खेतों को उत्पन्न क्षमता को भी काफी प्रभावित कर रही है जिससे उनके उत्पन्न कम होने लगा है इस संबंध में ग्रामीणों का जानकारी में कहा कि राखड डेम में नियमित राखड को उडने से बचाने के लिए एनटीपीसी के द्वारा कार्य में अनदेखी करने का ही परिणाम है जो आज ग्रामीण के सामने यह समस्या खडी हो गई है जिससे उनके ग्रामीण अंचलों हवा में जहर धूलता जा रहा है प्रदूषण की मार कोरबा के रहने वालों को झेलनी पड़ी है ।

यह एक बड़ा प्रश्न यह भी है कि तेज़ हवा चलने पर जब यह राखड़ उड़ती है तो पेड़-पौधों पर उसकी राख जम जाती है और जब राख जमेगी तो पेड़ पौधों की पत्तियां में वायु व धूप को ग्रहण करने कि क्षमता भी कम होने लगती है जिससे प्रकाश संश्लेषण की क्रिया रुक जाएगी, जिसका असर सीधे तौर पर वायुमंडल पर पडता है क्योकि प्रकाश संश्लेषण से पेड पौधें कार्बन डाइअक्साइड गैस को ग्रहण करते है आक्सीजन गैस छोडते है इसके रूकने से जहां वायुमंडल भी प्रभावीत हो रहा है
इसके साथ ही राखड डेम के आसपास एक समस्या और भी नजर आती है वह राख से भरे हेवी लोडेड वाहन जो ग्रामीण क्षेत्रों के साथ साथ स्थनों में अपनी रफ्तार से दुर्घटना को जन्म देते रहते है ।

जिला चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डसट्रीज के अध्यक्ष योगेश जैन से जब जानकारी चाही गई तो उन्होने कहा कि एनटीपीसी के द्वारा राखड उपयोग के संबंध में व्यापारीयों से कोई भी पहल नहीं कि गई है जिससे राखड के उपयोग को बढावा दिया जा सके ।
जिला चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डसट्रीज के पूर्व अध्यक्ष रामसिंह अग्रवाल से जब जानकारी चाही गई तो उन्होने कहा कि एनटीपीसी के द्वारा इस समय में पूर्व में बात कि जाती थी लेकिन कुछ वर्षो से राखड के उपयोग पर किसी भी प्रकार कि बात नहीं हुई है
अब सवाल यह कि अपने उत्पादनों में लगातार कामयाबी कि सीढी चढाता एनटीपीसी आखिर इस तरह कि समस्या को आम जनता को अनदेख आखिर क्यों कर रहा है ? आखिर आम जनता को इस राखड कि परेशानी कम करने में व्यापारीयों का सहयोग आखिर एनटीपीसी क्यों नही ले रहा है ? आम जनता या कोरबा कि प्रति कुछ सहभूमि अखिर क्यो नहीं दिखा रहा है और भी सवाल के घेरे में है आईये देखते है आने वाला समय में प्रशासन इस पर कोई पहल करेगी या व जनप्रतिनिधि या आम जनता इस का आंदोलन का रूख अपनाते है ?
