कोरबा। संयंत्र लगाने के समय ग्रामीणों से जमीन के एवज में मुआवजा व नौकरी देने की बात प्रबंधन के द्वारा कहीं जाती है ।लेकिन दशकों बीत जाने के बाद भी ग्रामीणों की मांग पर गंभीरता नहीं दिखाई जाती । इसी कड़ी में एनटीपीसी कोरबा के द्वारा भी आज पर्यंत तक भू विस्थापितों को उनके हक से वंचित रखा गया है।
इस संबंध में लक्ष्मण लाल केवट ने जानकारी देते हुए बताया कि एनटीपीसी के द्वारा जमीन अर्जित कि गई थी नौकरी की आम सुचना जारी किया गया इसमे साथ ही बाकी बची हुई जमीन को पर मुववजा एवं क्षतिपूति उन्होने नहीं दिया है
इस संबंध में चारापारा कोहडिया निवासी राजन कुमार पटेल ने जानकारी देते हुए बताया कि एनटीपीसी के द्वारा 2000 मेगावाट के लिए 1978-79 में जमीन ली गई थी बची हुई जमीन पर कोई कार्यवाही नहीं कि गई हमारे द्वारा लगातार आवेदन लगाये गये अभी मुआवजा और नौकरी चाहते है इस संबंध में राम कृष्ण केवट के द्वारा जानकारी दी गई कि चारापारा कि जमीन एनटीपीसी के द्वारा अधिग्रहित कि गई थी लेकिन हमें अभी तक
नौकरी व क्षतिपूर्ति नहीं मिली ।
