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जिले में इस वर्ष 43 हजार 680 हेक्टेयर में रबी फसल लेने की तैयारी शुरू

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कोरबा 07 नवंबर 2022/ जिले में इस वर्ष 43 हजार 680 हेक्टेयर में रबी फसल लेने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इनमें  गेंहू 2600 हेक्ट में, मक्का 2000 हेक्ट, चना 1500 हेक्ट, मटर 1300 हेक्ट, मसूर 200 हेक्ट, मूंग 400 हेक्ट, उड़द 700 हेक्ट, तिवड़ा 4500 हेक्ट, सरसो-तोरिया 5780 हेक्ट, मूंगफली 500 हेक्ट, अलसी 1000 हेक्ट, कुसुम 2100 हेक्ट, सुर्यमुखी 100 हेक्ट एवं सब्जी फसल 21000 हेक्टेयर में लेने का लक्ष्य तय किया गया है। इस वर्ष सितंबर के अंत और अक्टूबर में वर्षा होने के कारण किसानों के लिए उतेरा फसल लेने का बहुत अच्छा अवसर है। कृषि विभाग ने उतेरा फसल में अलसी, सरसों एवं तिवरा की खेती करने का सलाह दिया है। उप संचालक कृषि श्री एके शुक्ला ने बताया की जिले के किसानों को सरसो फसल की बुआई 15 नवम्बर के पहले पूर्ण करने की सलाह दी जा रही है। कृषक गण खेत की जुताई उपरांत तीन दिवस के अन्दर फसल की बुवाई करें, ताकि भूमि में नमी होने के कारण बीज का अंकुरण जल्दी हो सके। चने में बीज उपचार अवश्य करें, इसके लिये कार्बेंडाजीम दवा 1.5 ग्राम प्रति किलो बीज एवं राइजोबियम कल्चर 6 से 10 ग्राम तथा ट्रायकोडर्मा पाउडर 6 से 10 ग्राम प्रति किलो बीज की दर से उपचारित करें। चने के जिन खेतों में उकठा एवं कॉलर राट बिमारी का प्रकोप प्रति वर्ष होता है, वहां चने के स्थान पर गेंहू, तिवड़ा, कुसूम एवं अलसी की बुवाई करें।
उप संचालक कृषि ने बताया की उतेरा फसल हेतु तिवड़ा बीज, सरसों बीज मिनिकिट एवं गेहूं बीज सभी विकासखंडों में उपलब्ध करा दिया गया है। किसान केंद्रों में  संपर्क कर बीज प्राप्त कर सकते है। कृषकगण स्वयं का बीज भी उपयोग कर सकते है। मसूर बीज मिनीकिट जिले में पहली बार मंगाया गया है। जिले की समितियों में गेहूं उंची किस्म दर 3425 रू. प्रति क्विंटल, बौनी किस्म दर 3400 रू.प्रति क्वि, चना समस्त किस्में दर 7500 रू. प्रति क्वि., मटर समस्त किस्में दर 8300 रू. प्रति क्वि.,मसूर समस्त किस्में दर 8000 रू. प्रति क्वि., तिवड़ा समस्त किस्में दर 5000 रू. प्रति क्वि., सरसो समस्त किस्में दर 7000 रू. प्रति क्वि. अलसी समस्त किस्में दर 6000 रू. प्रति क्वि.,कुसुम समस्त किस्में दर 6500 एवं मूंगफली समस्त किस्में दर 8200 रू. प्रति क्विंटल में उपलब्ध है। उप संचालक ने बताया की विभाग से संबंधित योजनाओं में कोई भी समस्या हो तो जिले के किसान अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी या विकासखंडों में संचालित कृषि कार्यालय एवं उप संचालक कृषि कार्यालय में सम्पर्क कर सकते है।
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