चांपा । विश्व ओजोन परत संरक्षण दिवस 16 सितम्बर 2023 को प्रकाश इंडस्ट्रीज लिमिटेड, चाम्पा में मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संजय जैन, निदेशक, कार्यक्रम के अध्यक्ष संजय जोशी, यूनिट हेडए विशिष्ट अतिथि के रूप में शिवदयाल कर्ष, अध्यक्ष इंटकए अशोक शर्मा, अध्यक्ष एकाउन्टए सुधाकर सारश्वत, अध्यक्ष पर्चेसए एस.कुमार, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, इलेक्ट्रीकल एण्ड इंस्ट्रुमंेटेशनए उदय सिंह, कारखाना प्रबंधक, अशोक वैष्णव, विभागाध्यक्ष, पर्यावरण, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग के द्वारा कार्यक्रम प्रारंभ किया गया। तत्पश्चात सभी अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ से किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ संतोष थवाईत, सहायक महाप्रबंधक, पर्यावरण, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग ने विश्व ओजोन परत संरक्षण दिवस मनाने संबंधी एवं इस वर्ष की विश्व ओजोन परत संरक्षण दिवस की थीम श्मॉन्ट्रियल प्रोट्रोकाल ओजोन परत में सुधार एवं जलवायु परिवर्तन में कमीश् पर विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम को आगे बढाते हुए अशोक वैष्णव, विभागाध्यक्ष, पर्यावरण, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग ने अपने उदबोधन में कहा कि ओजोन परत के संरक्षण और जलवायु की रक्षा के लिए तीन दशकों से किए जा रहे प्रयासों को सिलेब्रेट किया जाएगा। ओजोन परत ऑक्सीजन के तीन अणुओं के जुडने से ओजोन का एक अणु बनता है। इसका रंग हल्का नीला होता है और इससे एक विशेष प्रकार की तीव्र गंध आती है और यह भूतल से लगभग 50 कि.मी. की ऊॅचाई पर स्थित होती है जो कि वायुमंडल ऑक्सीजन, ओजोन, हीलियम, ओजोन और हॉइड्रोजन गैसो की परत होती है जो ओजोन परत धरती के लिए सुरक्षा कवच का कार्य करती है।
इसी कडी में मुख्य अतिथि संजय जैन, निदेशक ने कहा कि प्राकृतिक वातावरण में मनुष्य को अपना दखल नहीं देना चाहिए और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए इस सृष्टि पर मानव जाति को एक सुरक्षा कवच के रूप में कार्य करना चाहिए। ओजोन परत के विषय में लोग आम तौर पर भले ही ज्यादा न जानते हो लेकिन यह पृथ्वी और पर्यावरण के लिए सब सुरक्षा कवच का कार्य करती है तथा इसे सूर्य की खतरनाक पराबैंगनी किरणों से बचाती है। प्रौद्योगिकी के इस युग में अप्रत्यक्ष रूप से प्रत्येक व्यक्ति हर उस चीज का हरण कर रहा है जो उसकी प्रगति की राह में बाधा बन रही है। इस तरह मानव ने अपने आराम और सहूलियत के लिए उस ओजोन परत को भी नष्ट करने की ठान ली है। जो उसे सूर्य से निकलने वाली खतरनाक पराबैंगनी किरणों से बचाती है।
आगे की कडी में कार्यक्रम के अध्यक्ष संजय जोशी, यूनिट हेड ने कहा कि वायुमंडलीय ओजोन सूर्य से आने वाली पराबैंगनी किरणों को रोकता है। पराबैगनी किरणों से पेड पौघों में पत्तियांे का झुुलसना, जलन होता है, ओजोन पृथ्वी को सूरज की हानिकारक पराबैगनी, अवरक्त विकिरणों से बचाती है। ओजोन परत के बिना, सूर्य की हानिकारण किरणें हम तक पहुचेगी और हमें नुकसान पहुचायेगी साथ ही ओजोन के कमजोर होने से त्वचा का कैंसर हो सकता है। इसलिए इसके बारे में अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करें और अपने जीवन शैली में लागू करें, ताकि हमारा ओजोन परत मजबूत रहे।
कार्यक्रम को आगे बढाते हुए विशिष्ट अतिथि के रूप में शिवदयाल कर्ष, अध्यक्ष इंटक ने अपने उदबोधन में कहा कि ओजोन परत के बिना हम जिंदा नहीं रह सकते, क्योंकि इन किरणों के कारण कैंसर, फसलों को नुकसान और समुद्री जीवों से साथ-साथ मानव को भी खतरा पैदा हो सकता है, ओजोन परत पराबैंगनीय किरणों से हमारी रक्षा करती है। मानव निर्मित क्लोरीन या ब्रोमीन, सिन्थेटिक गैस, क्लोरो-फ्लोरोकार्बन के निरंतर उपयोग के कारण वायुमंडल में इसकी सान्द्रता निरंतर बढ रही है जो कि अत्यंत हानिकारक है। आगे की उदबोधन में अशोक शर्मा, अध्यक्ष एकाउन्ट ने कहा कि प्रौद्योगिकी के इस युग में अप्रत्यक्ष रूप से प्रत्येक व्यक्ति हर उस चीज को नुकसान पहुचा रही है जो उसकी प्रगति में बाधा बन रही है। इस तरह मानव ने अपने आराम दायक जीवन के लिए उस ओजोन परत को भी नष्ट कर रही है। जो उसे सूर्य से निकलने वाली खतरनाक पराबैंगनी किरणों से बचाती है। दिनों-दिन बढ रही औद्योगिक गतिविधियों के कारण आज हमारे जीवन को बचाने वाली ओजोन परत को खतरा पैदा हो गया है। ओजोन परत बहुत ही महत्वपूर्ण है। यदि ओजोन परत को नुकसान पहुंचता है तो मनुष्य में त्वचा से जुडी तमाम बीमारियांॅ हो सकती है। इसी कडी में सुधाकर सारश्वत, अध्यक्ष पर्चेस ने कहा कि ओजोन परत के बिना हम जिन्दा नहीं रह सकते क्योंकि पराबैगनी किरणों के कारण कैंसर, फसलों को नुकसान और समुद्रीय जीवों को खतरा पैदा हो सकते है। अंटार्कटिका क्षेत्र में बडे हिमखण्ड यदि पिघलते है तो तटीय क्षेत्रों में बाढ सहित कई खतरे पैदा हो सकते है। ओजोन परत को बचाने की कवायद का ही परिणाम है कि आज बाजार में ओजोन फ्रेंडली फ्रीज, एयर कंडीशनर आदि आ गये है, इस परत को बचाने के लिए जरूरी है कि फोम के गद्दों का इस्तेमाल न किया जाये ताकि हम और हमारा परिवार खुशी से जीवन यापन कर सके। कार्यक्रम को सफल बनाने में कार्मिक एवं प्रशासन, हार्टिकलचर, पर्यावरण, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, समस्त विभाग के साथ-साथ पॉवर प्लांट, स्पंज ऑयरन, इंडक्शन फर्नेश एवं सबमर्ज आर्क फर्नेश डिवीजन के अधिकारीयों एवं कर्मचारीयों के साथ-साथ कॉलोनी के बच्चों का सराहनीय योगदान रहा।
