कोरबा। शहर में स्वास्थ्य एवं शारीरिक रिकवरी से जुड़ी सेवाओं को बढ़ावा देने की दिशा में एक नई पहल करते हुए एमपी नगर, घंटाघर क्षेत्र में क्यूपोलॉजी एडवांस्ड कपिंग थेरेपी एंड रिकवरी सेंटर का शुभारंभ किया गया। केंद्र का उद्घाटन श्रीमती अनिता अग्रवाल एवं सुरेश कुमार अग्रवाल के करकमलों से संपन्न हुआ। इस अवसर पर शहर के गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने केंद्र की शुरुआत पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे शहर में स्वास्थ्य एवं शारीरिक देखभाल से जुड़ी सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।
केंद्र का उद्देश्य लोगों को मांसपेशियों में होने वाले तनाव, शारीरिक थकान तथा दैनिक दिनचर्या के कारण उत्पन्न होने वाली असहजता से राहत पाने के लिए कपिंग थेरेपी एवं रिकवरी से संबंधित सेवाएं उपलब्ध कराना है।
आज की व्यस्त जीवनशैली में लंबे समय तक कार्यालय में बैठकर काम करना, दैनिक व्यायाम एवं कसरत,कंप्यूटर और मोबाइल का लगातार उपयोग करना तथा शारीरिक गतिविधियों में कमी जैसी आदतों के कारण कई लोगों को गर्दन, कंधे और पीठ में दर्द, मांसपेशियों में अकड़न तथा गलत शारीरिक मुद्रा जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में शारीरिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और उचित देखभाल की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है।
इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए क्यूपोलॉजी सेंटर में कपिंग थेरेपी की विभिन्न विधियों से संबंधित सेवाएं उपलब्ध कराने की पहल की गई है। केंद्र के माध्यम से लोगों को शारीरिक आराम, मांसपेशियों के तनाव में संभावित राहत तथा रिकवरी से संबंधित सुविधाएं प्रदान करने का प्रयास किया जाएगा।
साथ ही एम पी नगर में गुरुकुल गिटार क्लासेज का शुभारंभ भी किया गया जिसके संचालक संगीत शिक्षक संजय कुमार अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि क्यूपोलॉजी एडवांस्ड कपिंग थेरेपी एंड रिकवरी सेंटर में दीपक अग्रवाल कपिंग थेरेपी प्रैक्टिशनर के रूप में अपनी सेवाएं देंगे, केंद्र के माध्यम से लोगों को कपिंग थेरेपी से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने तथा उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप सेवाएं प्रदान करने का प्रयास किया जाएगा।
केंद्र की शुरुआत के साथ ही शहरवासियों को स्वास्थ्य एवं शारीरिक रिकवरी से जुड़ी सेवाओं के लिए एक नया विकल्प उपलब्ध हुआ है। इसके साथ ही लोगों को अपनी शारीरिक समस्याओं के प्रति जागरूक रहने और आवश्यकता पड़ने पर योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञों से परामर्श लेने का संदेश भी दिया गया।
