July 28, 2026
Naman Chhattisgarh
Breaking News
Breaking Newsछत्तीसगढ़

स्थानीय स्तर पर महिलाओं को मिल रहा रोजगार

Share

रायपुर, 26 जुलाई 2023 |  राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और लोगों को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं। इसके अंतर्गत ग्रामीण कृषि, पशुपालन और उनके उत्पाद तथा अपशिष्ट पदार्थ का उपयोग स्थानीय स्तर पर कृषि एवं उस पर आधारित कार्यों में कर रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की गोधन न्याय योजना के तहत गौठानों में ग्रामीण पशुपालकों से 2 रुपए प्रति किलो गोबर और 4 रुपए प्रति लीटर की दर से गौमूत्र की खरीदी की जा रही है। जैविक खेती के लिए गोबर का उपयोग वर्मी खाद बनाने तथा गौमूत्र का उपयोग कीटनाशक दवाई ब्रह्मास्त्र और वृद्धिवर्धक जीवामृत बनाने में किया जा रहा है। राज्य की स्व-सहायता समूह की महिलाएं इससे लाभान्वित हो रही है।

नारायणपुर जिले के ग्राम करलखा और कोचवाही के गौठान में गौमूत्र से  ब्रम्हास्त्र और जीवामृत बनाई जा रही है। वर्तमान में जब रसायन युक्त खेती के कई हानिकारक प्रभावों से हमें जूझना पड़ रहा है, तब जैविक खेती को अपनाने की पहल भी शुरू हो रही है। जैविक खेती में मुख्य रूप से गोबर खाद का उपयोग किया जाता है, लेकिन कीट पतंगों से बचाव के लिए कोई विशेष उपाय नहीं होने के कारण अधिकतर किसानों का फसल नुकसान हो जाता है। फसलों की बचाव के लिए छत्तीसगढ़ सरकार का एक महत्वपूर्ण नवाचार गौमूत्र से दवाई फसल की बचाव के लिए संजीवनी साबित हो रही है।

जिले के किसानों को जैविक दवाई उपलब्ध कराने हेतु जिला प्रशासन के द्वारा गौठानों में स्व-सहायता समूह के सदस्यों के माध्यम से गौमूत्र से ब्रम्हास्त्र और जीवामृत तैयार किया जा रहा है। गौमूत्र विशेष गुणों से युक्त होता है, जिसका प्रयोग विभिन्न कार्यों में किया जाता है। इसे बनाने के लिए गौमूत्र को पांच प्रकार की पत्तियों जैसे नीम, करंजी, पपीता, सीताफल और अमरुद के साथ उबालकर ठंडा किया जाता है और पैकेजिंग कर विक्रय किया जा रहा है। इसे उपयोग करने के लिए 5 लीटर ब्रह्मास्त्र को 100 लीटर पानी में मिलाकर प्रत्येक पंद्रह दिनों में फसलों में छिड़काव किया जाता है। इसके अतिरिक्त किसानों की मांग अनुसार गौमूत्र वृद्धि वर्धक का उत्पादन भी किया जा रहा है। एक लीटर ब्रह्मास्त्र पचास रुपए में और वृद्धिवर्धक चालीस रुपए में करलखा एवं कोचवाही गौठान तथा सी-मार्ट से खरीदा जा सकता है। करलखा में झांसी की रानी महिला स्व-सहायता समूह और कोचवाही में सरस्वती महिला स्व सहायता समूह द्वारा इन उत्पादों को विक्रय कर 64 हजार 950 रूपए की आय अर्जित की गई है। रसायन मुक्त भोजन और स्वस्थ जीवनशैली के लिए गौमूत्र आधारित खेती वर्तमान की मांग है। गौठान में स्व सहायता समूह की महिलाओं को ब्रम्हास्त्र बनाने के साथ ही स्व-रोजगार मिल रही है, जिससे समूह की महिलाएं आत्मनिर्भर होती जा रही हैं।
क्रमांक:2133


Share

Related posts

श्री धन्वंतरी मेडिकल स्टोर से दवा खरीदने पर कोरबा के लोगों को 02 करोड 66 लाख रूपये से अधिक की हुई बचत

namanchhattisgarh

स्कूल के छात्र-छात्राओं के मध्य नशा के दुष्प्रभाव एवं उसके रोकथाम के विषय पर रैली

namanchhattisgarh

गणेश विसर्जन के मद्देनजर नगर पुलिस अधीक्षक कोरबा ने ली समीक्षा मीटिंग : विसर्जन की तिथि, स्थान व समय को लेकर दिए गए आवश्यक दिशा निर्देश

namanchhattisgarh

Leave a Comment