कोरबा । शहर धीरे धीरे विकास कर रहा है लेकिन इसके साथ ही शहर में विभिन्न खादय पदार्थ के ठेले भी लगने लगे है इन ठेलों में खादर्य पदार्थ विक्रय लगातार जारी है इनके द्वारा खादय पदार्थ की गुणवता पर भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है
प्राप्त जानकारी के अनुसार जब इस संबंध में जानकारी हासिल कि गई तो बहुत से बातें का खुलासा होने लगा नाम ना छापने की शर्त में खादर्य पदार्थ के ठेलों में विक्रय वाले खादय पदार्थ की गुणवता किस क्षेणी कि है इसकी विभाग के द्वारा उचित जांच भी नहीं हो रही है इसके साथ इनके पास खादय लाईसेंस है कि नहीं इसकी भी जांच नही हो रही है इसके खादय पदार्थ में किस तरह के तेल का उपयोग किया जा रहा है इसके साथ ही विभन्न खादर्य कलरांे का खुल कर उपयोग होता है ये कलर मानक मात्र के है या नहीं इनकी भी जांच नही हो रही है बहुत ठेलों में साफ साफई का अभाव देखने को मिलता है
आने वाले समय मानसून का है जहां विभिन्न रोग अपने पैर फैलने चालू कर देते है इन रोग में पानी से या खादय पदार्थ से होने वाले रोगों की संख्या अधिक होती है इन ठेलों की खादय पदार्थ कि जांच नही होने के कारण अनेक रोगों बढ सकते है एक जानकारी में लगात मुल्य जोडने पर जो मुल्य सामने आते है वही उस वस्तु का विक्रय मुल्या कम रहता है
देखते है विभाग इन ठेलों के खादय पदार्थ की जांच करता है क्या ? क्या आम नागरिको को सही खादय पदार्थ प्राप्त हो इसके लिए क्या योजना बना कर कार्यवाही कि जायेगी? इनके खादय लाईसेस बनाये जायेगे या इन्हें बिना लाईसेस के ही खादय पदार्थ कि विक्रय की अनुमति मिली रहेगी ?
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