कोरबा | पति पत्नी के मध्य मामूली विवाद ,गलतफहमी एवं मनमुटाव के कारण बिखर रहे परिवारों को जोड़ने में कोरबा पुलिस ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है । वर्ष 2022 में महिला परिवार परामर्श केंद्र के प्रयास एवम पहल से कुल 291 परिवार पुनः पुनर्स्थापित होकर सुखी एवं दांपत्य जीवन व्यतीत कर रहे हैं ।
वर्ष 2022 में आपसी पारिवारिक कलह से अलग हो चुके 561 पीड़ित परिवारों ने परिवार परामर्श केंद्र कोरबा में आवेदन प्रस्तुत कर बिखर चुके परिवारों को पुनः जोड़ने का आग्रह करते हुए आवेदन प्रस्तुत किया था , महिला काउंसलर्स ने 271 मामलों मे काउंसलिंग कर बिखर रहे परिवारों में समझौता कराकर परिवारों को पुनर्स्थापित किया । सभी परिवार खुशहाल जीवन व्यतीत कर रहे हैं । 40 मामलों में दहेज प्रताड़ना एवं घरेलू हिंसा के प्रकरण पंजीबद्ध कराए गए 190 मामलों को न्यायालय में निराकरण हेतु प्रेषित किया गया है ।
पुलिस अधीक्षक कोरबा संतोष सिंह के द्वारा महिला परामर्श केंद्र में पदस्थ पुलिस अधिकारी कर्मचारी एवं समाजसेवी महिला काउंसलर्स का मीटिंग लेकर परामर्श केंद्र में प्राप्त होने वाले आवेदनों को गंभीरता एवं संवेदनशीलतापूर्वक जांच करते हुए पति-पत्नी के मध्य में चल रहे विवाद एवं मनमुटाव को दूर करने का हर संभव प्रयास कर परिवारों को जोड़ने की समझाइश दी गई है , पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह से प्राप्त निर्देश के अनुपालन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के मार्गदर्शन में महिला परामर्श केंद्र कोरबा में पदस्थ अधिकारी कर्मचारियों के साथ-साथ सामाजिक संस्थाओं से जुड़ी हुई महिला काउंसलर के द्वारा अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया जा रहा है । परिवार परामर्श केंद्र में प्राप्त होने वाले मामलों में पाया गया है कि पति-पत्नी के मध्य छोटे घरेलू विवाद, पारिवारिक विवाद या अन्य छोटे-मोटे मुद्दों को लेकर हो रहा विवाद बड़ा रूप धारण कर लेता है जो अंततः परिवारों के टूटने का कारण बनता है , इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए महिला काउंसलर द्वारा पीड़ित परिवार के दोनों पक्षों को बुलाकर उनके बीच विवाद होने के कारणों को अच्छी तरह समझ कर उन्हें समझाइश दी जाती है और लगातार उन्हें परामर्श देकर ऑब्जरवेशन में रखा जाता है माह में एक बार परिवारों को बुलाकर वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी ली जाती है । इसका सुखद पहलू यह रहा कि लगभग 60% मामलों में पुलिस को बिखरे हुए परिवारों को वापस जोड़ने में सफलता मिली है । टूटे हुए परिवारों के परामर्श के दौरान पाया गया कि कुछ परिवारों में छोटे-मोटे लड़ाई झगड़े एवं मनमुटाव के कारण परिवार टूटने की नौबत आ गई थी , वही कुछ परिवारों में शराबखोरी , अवैध संबंध, दहेज की मांग या माता-पिता को परिवार से अलग रखने जैसे मुद्दों पर विवाद हो रहा था ।
