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प्रधानमंत्री आवास योजना से परसराम को मिली पक्की मकान की सौगात : पक्के मकान का सपना हुआ पूरा

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कोरबा 19 जनवरी 2023/प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण से ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव हो रहे है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्राप्त राशि एक लाख बीस हजार रूपये से परसराम का कच्चे मकान से पक्का मकान और पक्की छत बनाने का सपना पूरा हुआ है। जिससे उसका परिवार अब पक्के मकान में ख़ुशी से जीवन यापन कर रहा है। नपद पंचायत कटघोरा के ग्राम पंचायत राल निवासी परसराम का पहले कच्चा झोपड़ीनुमा घर था। जिसमें खपरेल की छत बनी थी। इस कच्चे मकान की दीवारों पर सीलन रहती थी। साथ ही कच्ची छत से पानी टपकता था। बरसात के दिनों में परसराम के परिवार की परेशानियां और भी बढ़ जाती थी। जब जहरीली कीड़े सांप बिच्छू उसके घर की कच्ची दीवारों और अंधेरी सीलन वाली जगह में अपना घर बना लेते थे। जिससे उसके यहां पर अनहोनी का डर बना रहता था। हालात यह थे कि कच्चे घर में उसके परिवार का सुरक्षित जीवनयापन मुश्किल हो रहा था। परसराम चाहता था कि वह भी अपने परिवार के साथ पक्के मकान में सम्मान और सुरक्षा से रहे। उसका सपना था कि उसका भी पक्का मकान और पक्की छत हो लेकिन उसकी आर्थिक स्थिति कमजोर होने से पक्का मकान नही बना पा रहा था। ऐसे हालात में उसे प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण का सहारा मिला।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास मित्र के सहयोग से परसराम ने पात्रता अनुसार पक्का मकान बनाने के लिए आवेदन,प्रस्ताव ग्राम पंचायत को वर्ष 2019 में दिया जो कि शीघ्र स्वीकृति के बाद पक्का मकान बनना शुरू हुआ। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण से हितग्राही को चार किश्तों में कुल एक लाख बीस हजार रूपये मिले। इसके साथ ही महात्मा गाँधी राष्टीय  ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना से उसके परिवार को 90 दिवस की मजदूरी भी मिली। जिससे उसका पक्का मकान एवं पक्की छत बनाने का सपना पूरा हो सका है। परसराम का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण से हम ग्रामीणों के पक्के मकान बनाने के सपने पूरे हो रहे है। उन्होंने बताया कि आवास निर्माण में उनके परिवार को मनरेगा से 90 दिनों की मजदूरी भी मिली है। इस पक्के मकान में अब वह अपने परिवार सहित सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन जी रहे है। उनकी पत्नी श्रीमती पुष्पलता का कहना है कि पहले कच्चा मकान होने की वजह से कई प्रकार की दिक्कतें थी लेकिन अब पक्के मकान में पक्की किचन भी बन जाने से खाना बनाने में सहूलियत और सामान रखने की सुविधा भी मिल गयी है। पक्का मकान और पक्की छत बनने से उनका परिवार बहुत खुश है।
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