कोरबा। श्री कृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व के अवसर पर मिशन रोड स्थित श्याम मंदिर, कोरबा में आयोजित तीन दिवसीय श्री कृष्ण कथा का भव्य शुभारंभ शुक्रवार, 4 सितंबर को श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ हुआ। वृंदावन धाम से पधारे परम पूज्य श्री आनंद कृष्ण ठाकुर महाराज के श्रीमुख से भक्तों ने भगवान श्री कृष्ण के पावन जन्म की कथा का रसपान किया। कथा के दौरान भगवान श्री कृष्ण की जन्मलीला के दिव्य एवं भावपूर्ण प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
श्री कृष्ण कथा के प्रथम दिवस श्याम मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं श्यामप्रेमी उपस्थित रहे। जैसे-जैसे कथा आगे बढ़ी, मंदिर परिसर भक्तिरस में सराबोर होता गया। महाराज श्री आनंद कृष्ण ठाकुर ने भगवान श्री कृष्ण के अवतरण के उद्देश्य, देवकी-वसुदेव के प्रसंग तथा भगवान की जन्मलीला का अत्यंत सरल, सरस और भावपूर्ण वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को भक्ति एवं धर्म के मार्ग से जुड़ने का संदेश दिया। भगवान देवकी-वसुदेव के यहां जन्म होना का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया इस अवसर पर पूर्व राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल उपस्थित हुये श्री कृष्ण कथा का स्वर्ण किया

दूसरे दिन शनिवार, 5 सितंबर को श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा के दौरान महाराज श्री आनंद कृष्ण ठाकुर ने भगवान श्री कृष्ण की बाल लीलाओं से जुड़े विभिन्न दिव्य प्रसंगों का वर्णन किया। भगवान की नटखट बाल लीलाओं, माता यशोदा के वात्सल्य, ग्वाल-बालों के साथ उनकी क्रीड़ाओं मटकी फोडने व मखान खाने के मनहौर प्रसंग की कथा ने सहित श्री कृष्ण के जीवन से जुड़े प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। बाल कृष्ण की लीला का वर्णन करते हुए बताया कि नंदगांव की गलियों में कान्हा अपने ग्वाल-बाल सखाओं के साथ माखन के लिए घर-घर पहुंच जाते थे। गोपियां माखन को मटकी में भरकर ऊंचाई पर टांग देतीं, लेकिन नटखट कान्हा अपने सखाओं के साथ मिलकर मटकी तक पहुंचने का उपाय खोज ही लेते थे। कभी सखाओं के कंधों पर चढ़कर तो कभी मानव पिरामिड बनाकर कान्हा मटकी फोड़ देते और उसमें रखा माखन अपने सखाओं के साथ मिलकर खा लेते थे। इस अवसर पर वाणिज्य एवं उद्योग , सार्वजनिक उपक्रम , वाणिज्यिक कर (आबकारी ) श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन, नरेन्द्र देवांगन, नूतन सिंह राजपूत , प्रफुल्ल तिवारी उपस्थित होकर श्याम बाबा का दर्शन किया और कथा का स्वर्ण किया गया
श्री कृष्ण कथा के दौरान प्रस्तुत मधुर भजनों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। भक्ति संगीत की धुन पर श्रद्धालु भावविभोर होकर झूमते नजर आए। कथा के साथ भजनों की सुंदर प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को देर तक बांधे रखा।

कथा के दौरान भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव का मनोहारी दृश्य झांकी के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। भगवान श्री कृष्ण के जन्म के साथ ही मंदिर परिसर में उल्लास और उत्साह का वातावरण निर्मित हो गया। बाल स्वरूप में भगवान श्री कृष्ण की मनमोहक झांकी ने उपस्थित श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। जन्मोत्सव के प्रसंग पर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला और पूरा वातावरण श्री कृष्ण भक्ति में डूब गया।कथा के दौरान बच्चों द्वारा प्रस्तुत बाल कृष्ण के स्वरूप में मटकी फोड़ने और माखन खाने की मनमोहक झांकी ने पूरे आयोजन को जीवंत कर दिया। नन्हे बच्चों ने भगवान श्री कृष्ण, ग्वाल-बाल और गोपियों का रूप धारण कर मंच पर ब्रज की गलियों का सुंदर दृश्य साकार किया। बाल कृष्ण के रूप में सजे नन्हे कलाकारों की मासूम मुस्कान, नटखट अदाएं और माखन के प्रति उनका आकर्षण श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।
श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर श्याम मित्र मंडल के गोपाल अग्रवाल सचिन सिंघल, अरूण बजाज, अरबिंद सिघानियां, महेन्द्र अग्रवाल, नरेश अग्रवाल, मंदिर परिसर में बडी सख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उपस्थित रही
